मीत न मिला रे मन का

मीत न मिला रे मन का-2
कोई तो मिलन का
कोई तो मिलन का, करो रे उपाय
मीत न...

चैन नहीं बाहर, चैन नहीं घर में
मन मेरा धरती पर, और कभी अंबर में
उसको ढूँढा, हर डगर में, हर नगर में
गली गली देखा नयन उठाये
मीत न...

रोज़ मैं अपने ही, प्यार को समझाऊँ
वो नहीं आयेगा, मान नहीं पाऊँ
शाम ही से प्रेम दीपक, मैं जलाऊँ
फिर वोही दीपक, दूँ मैं बुझाये
मीत न...

देर से मन मेरा, आस लिये डोले-2
प्रीत भरी बानी, राग मेरा बोले
कोई सजनी, एक खिड़की भी न खोले
लाख तराने, कहा मैं सुनाये
मीत न...


Comments

Popular posts from this blog

गुम है किसी के प्यार में, दिल सुबह शाम

तू प्यार तू प्रीत तू चांद तू रात

माना जनाब ने पुकारा नहीं