हवा के साथ साथ, घटा के संग संग, ओ साथी चल
हवा के साथ
साथ, घटा के संग संग, ओ
साथी चल
मुझे लेके
साथ चल तू, यूँ ही दिन-रात
चल तू
सम्भल मेरे
साथ चल तू, ले हाथों में हाथ चल तू
ओ साथी चल
एक तो ये मौसम है बड़ा सुहाना
अपना तो ये
दिल भी है दीवाना
पर्बत से आके
न टकरा जाना
तू बनके बादल
ओ साथी चल
...
हँसती है ये दुनिया तो हँसने दे
अरे नागन
बनकर इस रुत को दँसने दे
मुझको अपनी
आँखों में बसने दे
ओ बनके काजल
ओ साथी चल
...
अपनि रेशमी ज़ुल्फें लहराने दे
मुझको अपनी
बांहों में आने दे
थक गई आज
बहुत मैं अब जाने दे ना
मिलेंगे फिर
कल
ओ साथी चल
...
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