हाल कैसा है जनाब का?
आशा : हाल कैसा है जनाब का?
किशोर : क्या खयाल है आप का?
आशा : तुम तो मचल गये, हो
हो हो
किशोर : यूँही फ़िसल गये, हा
हा हा
किशोर : बहकी, बहकी, चले
है पवन जो उड़े है तेरा आँचल
आशा : छोड़ो, छोड़ो, देखो
देखो गोरे गोरे काले काले बादल
किशोर : कभी कुछ कहती है, कभी
कुछ कहती है,
ज़रा नज़र को संभालना
आशा : हाल कैसा है जनाब का?
किशोर : हाय! क्या खयाल है आप का?
आशा : होय! तुम तो मचल गये, हो
हो हो
किशोर : hmm hmm,यूँही फ़िसल गये, हा
हा हा
किशोर : पगली!
आशा : आ!
किशोर : पगली, कभी
तूने सोचा रस्ते में गये मिल क्यों?
आशा : पगले!
किशोर : हं?
आशा : पगले!
किशोर : ए?!
आशा : तेरी बातों बातों में धड़कता है दिल क्यों ?
किशोर : कभी कुछ कहती है, कभी
कुछ कहती है
ज़रा नज़र को संभालना
आशा : आ आ, हाल कैसा है
जनाब का?
किशोर : हाय! क्या खयाल है आप का?
आशा : तुम तो मचल गये, हो
हो हो
किशोर : यूँही फ़िसल गये, हा
हा हा
आशा : कहो जी, कहो
जी, रोज़ तेरे संग यूँही
दिल बहलायें क्या?
किशोर : आहा! सुनो जी, सुनो
जी, समझ सको तो खुद समझो
बताएं क्या ?
कभी कुछ कहती है, कभी
कुछ कहती है
ज़रा नज़र को सम्भालना
आशा : हाय! हाल कैसा है जनाब का ?
किशोर : क्या खयाल है आप का ?
आशा : तुम तो मचल गये, हो
हो हो
किशोर : यूँही फ़िसल गये, हा
हा हा
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