दिन महीने साल गुज़रते जाएँगे

कि \:  दिन महीने साल गुज़रते जाएँगे
            हम प्यार में जीते प्यार में मरते जाएँगे
\:    ( देखेंगे
कि \:  देख लेना ) \-
\:    दिन महीने साल ...
कि \:  दिन महीने साल ...

            ( मत शरमाओ आ जाओ ) \-२ मेरी बाँहों में
            देखो अपनी तस्वीर मेरी निगाहों में
            क्या हुआ गर काँटे हैं अपनी राहों में \-
            इन राहों में फूल बिखरते जाएँगे
            हम प्यार में जीते ...

\:    तुमको हमने मान लिया रब तुम जानो \-
            हम ये जानें बाक़ी सब तुम जानो
            क्या कहना है क्या नहीं ये अब तुम जानो \-
            तुम जो कहोगे हम वो करते जाएँगे
            हम प्यार में जीते ...

\:    दुख\-सुख का साथी ( हाँ जी ) \-२ तुम्हें बनाया है \-
कि \:  हमने जीवन का साझी हाँ जी तुम्हें बनाया है \-
\:    दिल की नईया का माझी तुम्हें बनाया है \-
कि \:  इस पार से उस पार उतरते जाएँगे
            हम प्यार में जीते ...


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