नज़रों से कह दो प्यार में मिलने का मौसम आ गया
नज़रों से कह
दो प्यार में मिलने का मौसम आ गया
बाहों में
बाहें डाल के खिलने का मौसम आ गया
इस प्यार से तेरा हाथ लगा लहरा गए गेसू मेरे
कुछ भी नज़र
आता नहीं मस्ती में मुझे तेरे परे
कंधे पे मेरे
ज़ुल्फ़ के ढलने का मौसम आ गया, नज़रों ...
तुम मिल भी गए फिर भी दिल को क्या जाने कैसी
आस है
तुम पास हो
फिर भी होंठों में जाने कैसी प्यास है
होंठों की
ठंडी आग में जलने का मौसम आ गया, नज़रों ...
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