तेरे बिना ज़िंदगी से कोई, शिकवा, तो नहीं

लता: तेरे बिना ज़िंदगी से कोई, शिकवा, तो नहीं,
शिकवा नहीं
शिकवा नहीं, शिकवा नहीं
तेरे बिना ज़िंदगी भी लेकिनज़िंदगी, तो नहीं,
ज़िंदगी नहीं
ज़िंदगी नहीं, ज़िंदगी नहीं

काश ऐसा हो तेरे कदमों सेचुन के मंज़िल चले
और कहीं दूर कहीं
तुम गर साथ होमंज़िलों की कमी तो नहीं
तेरे बिना ज़िंदगी से कोई, शिकवा, तो नहीं, शिकवा नहीं




जी में आता हैतेरे दामन मेंसर छुपा के हम
रोते रहें, रोते रहें   - 2
तेरी भी आँखों मेंआँसुओं की नमी तो नहीं
किशोर: तेरे बिना ज़िंदगी से कोई, शिकवा, तो नहीं,
शिकवा नहीं
तेरे बिना ज़िंदगी भी लेकिनज़िंदगीतो नहीं,
ज़िंदगी नहीं

तुम जो कह दो तो आजकी रात, चांद डूबेगा नहीं,
रात को रोक लो
रात कि बात हैऔर ज़िंदगी बाकी तो नहीं
तेरे बिना ज़िंदगी से कोई, शिकवा, तो नहीं, शिकवा नहीं
तेरे बिना ज़िंदगी भी लेकिनज़िंदगीतो नहीं,
ज़िंदगी नहीं



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