रिमझिम गिरे सावन

रिमझिम गिरे सावन सुलग-सुलग जाए मन, भीगे आज इस मौसम में लगी कैसी ये अगन-2
रिमझिम गिरे सावन
जब घुन्गुरो सी बजती हैं बूंदे, अरुमा हमारे पलके ना मूंदे, केसे देखे सपने नयन
सुलग जाए मन, भीगे आज इस मौसम में लगी कैसी ये अगन
रिमझिम गिरे सावन
महफिल में केसे कह दें किसी से, दिल बांध रहा है किस अजनबी से-2 हाए करे अब क्या जतन
सुलग जाए मन, भीगे आज इस मौसम में लगी कैसी ये अगन
रिमझिम गिरे सावन सुलग-सुलग जाए मन, भीगे आज इस मौसम में लगी कैसी ये अगन

रिमझिम गिरे सावन 

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