हमें और जीने की
हमें और जीने की चाहत ना होती
हमें और जीने की चाहत ना होती, अगर तुम ना होते अगर तुम ना
होते-2
तुम्हे देखके तो लगता है ऐसे, बहारों का मौसम आया हो
जैसे-2
दिखाई ना देती अंधेरों में सोती, अगर तुम ना होते अगर तुम
ना होते
हमें और जीने की चाहत ना होती, अगर तुम ना होते अगर तुम ना
होते
हमे जो तुम्हारा सहारा ना मिलता, भंवर में ही रहते
किनारा ना मिलता-2
किनारे पे भी तो लहर काट होती, अगर तुम ना होते अगर तुम ना
होते
हमें और जीने की चाहत ना होती, अगर तुम ना होते अगर तुम ना
होते
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