खिलते हैं गुल यहाँ
खिलते हैं गुल यहाँ खिलके बिखरने को-2 मिलते हैं दिल यहाँ
मिलके बिछड़ने को
खिलते हैं गुल यहाँ
कल रहे ना रहे मौसम ये प्यार
का, कल रुके ना रके डोला बहार का-2
चार पल मिले जो आज प्यार में गुजर दे
खिलते हैं गुल यहाँ खिलके बिखरने को-2
हो ओ हो ओ ओहो ओहो आ
झीलों के होंटो पर मेघों का राग है, फूलों के सिने में ठंडी
ठंडी आग है-2
दिल के आईने में तू ये समां उतार ले
खिलते हैं गुल यहाँ खिलके बिखरने को-2
प्यासा हे दिल सनम प्यासी सी ये रत है, होंटो में दबी दबी कोई मीठी बात है-2
इन लम्हों पे आज तू हर ख़ुशी निशार दे
खिलते हैं गुल यहाँ खिलके बिखरने को मिलते हैं दिल यहाँ
मिलके बिछड़ने को
खिलते हैं गुल यहाँ
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