दिल क्या करे
दिल क्या करे जब
किसी से किसी को प्यार हो जाये, जाने कहाँ कब किसी को किसी से प्यार हो जाये
ऊँची ऊँची दीवारों
सी इस दुनिया की रस्मे, हो ना कुछ तेरे बस में जुली ना कुछ मेरे बस में
दिल क्या करे जब
किसी से किसी को प्यार हो जाये, जाने कहाँ कब किसी को किसी से प्यार हो जाये
जैसे पर्वत पे घटा झुकती है जैसे सागर से लहर उठती
है, ऐसे किसी चेहरे पे निगाह रूकती है-२
हो रोक नहीं सकती
नजरों को, दुनिया भर की रस्मे, ना कुछ तेरे बस में जुली ना कुछ मेरे बस में
दिल क्या करे जब
किसी से किसी को प्यार हो जाये, जाने कहाँ कब किसी को किसी से प्यार हो जाये
आ में तेरी याद में सबको भुला दूँ, दुनिया को तेरी
तस्वीर बना दूं, मेरा बस चले तो दिल चीर के दिखा दूं-2
हो दौड़ रहा है साथ
लहू के, प्यार तेरा नश नश में, ना कुछ तेरे बस में जुली ना कुछ मेरे बस में
दिल क्या करे जब
किसी से किसी को प्यार हो जाये, जाने कहाँ कब किसी को किसी से प्यार हो जाये
ऊँची ऊँची दीवारों
सी इस दुनिया की रस्मे, हो ना कुछ तेरे बस में जूली ना कुछ मेरे बस में
दिल क्या करे जब
किसी से किसी को प्यार हो जाये, जाने कहाँ कब किसी को किसी से प्यार हो जाये
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