अरे दीवानों मुझे पहचानों

अरे दीवानों मुझे पहचानों
कहाँ से आया मैं हूँ कौन
मैं हूँ डॉन...

अरे तुमने जो देखा है, सोचा है समझा है जाना है, वो मैं नहीं
लोगों की नज़रों ने, मुझको यहाँ जो भी माना है, वो मैं नहीं
आवारा बादल को, सौदाई पागाल को, दुनिया में समझा है कौन
अरे दीवानों मुझे...

अरे यारों का वो यार हूँ यारी में जाँ लुटा दे जो मैं हूँ वही
दुश्मन का दुश्मन हूँ वो, दुश्मन के छक्के छुड़ा दे जो मैं हूँ वही
तुम जानो ना जानो, मैंने तो जाना है, महफ़िल में कैसा है कौन
अरे दीवानों मुझे...

अरे मैंने क्या सोचा है, क्या ख़्वाब है मेरी आँखों में, तुम जानो ना
मैंने भी बदला है क्या रंग बातों ही बातों में, तुम जानो ना
चेहरे पे चेहरा है, परदे पे परदा है, दुनिया में समझा है कौन
अरे दीवानों मुझे...

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