ये लाल रंग कब

ये लाल रंग कब मुझे छोड़ेगा -२, मेरा गम कब तलक मेरा दिल तोड़ेगा

किसी का भी लिया नाम तो आई याद तू ही तू-2, ये जो प्याला शराब का बन गया ये लहू हाए
ये लाल रंग कब मुझे..........................

पीने की कसम डाल दूँ पियूँगा इस तरह हाँ-२, ये न सोचा तुने यार में जियूँगा किस तरह
ये लाल रंग कब मुझे..........................

चला जून कहीं छोडके में तेरा ये शहर-२, न तो यहाँ अमृत मिले पिने को न जहर हाए
ये लाल रंग कब मुझे.........................

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