इक अजनबी हसीना से
अं...................हसीना से यूं मुलाकात हो गई!
इक अजनबी हसीना से यूं मुलाकात हो गई, फिर क्या हुआ ये न पुछो कुछ ऐसी बात हो गई
इक अजनबी....................................................
वो अचानक आ गई यूं नजर के सामने जेसे निकल आया घटा से चाँद -२
चेहरे पे जुल्फें बिखरी हुई थी दिन मैं रात हो गई
इक अजनबी..................................................
जानेमन जानेजिगर होता मैं शायर अगर कहता गजल तेरी अदाओं पर -२
मैंने ये कहा तो मुझसे खफा वो जाने हयात हो गई
इक अजनबी...................................................
खूबसूरत बात ये चार पल का साथ ये साडी उम्र मुझको रहेगा याद -२
में अकेला था मगर बन गई वो हमसफ़र वो मेरे साथ हो गई
इक अजनबी.................................................
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