अंखियों में छोटे छोटे सपने सजाए के
हूँ..............................................
अंखियों
में
छोटे, छोटे
सपने
सजाए
के
बहियो
में
निंदिया, के
पंख
लगाईं
के
चंदा
में
झूले मेरी
बिटिया
रानी
चाँदनी
रे
झुम,
हो चाँदनी
रे
झूम
यही
तो
काली
है
प्यारी, मेरी
सारी
बगिया
में-हो
2
मैंने
यही
मोती पाया,
जीवन
नदिया
में
ममता
लुटाऊ
ऐसी, मच
जाए
धूम
चाँदनी
रे
झूम, हो
चाँदनी
रे
झूम
क्या
क्या
न
तेरे
लिए, भेष
बनाया
है -
हो
2
क्या
नहीं
बीति
फिर भी,
तुझे
बहलाया
है
तेरे
लिए
मैं रहा,
गली
गली
घूम
चाँदनी
रे
झूम, हो
चाँदनी
रे
झूम
अंखियों
में
छोटे छोटे,
सपने
सजाए
के
बहियो
में
निंदिया के,
पंख
लगाईं
के
चंदा
में
झूले मेरी
बिटिया
रानी
चाँदनी
रे
झूम, हो
चाँदनी
रे
झूम-2
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