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Showing posts from June, 2016

आती रहेंगी बहारें, जाती रहेंगी बहारें

आती रहेंगी बहारें , जाती रहेंगी बहारें दिल की नज़र से दुनियाँ को देखो दुनियाँ सदा ही हसीं है मैं ने तो बस यही माँगी है दुआएं फूलों की तरह हम सदा मुस्कुराये गाते रहें हम खुशियों के गीत यूँ ही जाये बीत ज़िंदगी हो ~ आती रहेंगी बहारें ... तुम जो मिले हो तो दिल को यक़ीं है धरती पे स्वर्ग जो है तो यहीं है गाते रहे हम खुशियों के गीत यूँ ही जाये बीत ज़िंदगी हो ~ आती रहेंगी बहारें ... तुम से हैं जब जीवन में सहारे जहाँ जाये नज़रें वहीं हैं नज़ारे लेके आयेगी हर नयी बहार रंग भरा प्यार और खुशी हो ~ आती रहेंगी बहारें ...

कबके बिछड़े हुए हम आज कहाँ आ के मिले

कि \:  कबके बिछड़े हुए हम आज कहाँ आ के मिले आ \:   जैसे शम्मा से कहीं लौ ये झिलमिला के मिले कि \:  कबके बिछड़े ... आ \:   ( जैसे सावन ) \- ३ से कहीं प्यासी घटा आ के मिले दो \:   कबके बिछड़े ... आ \:   बाद मुद्दत के रात महकी है कि \:  दिल धड़कता है साँस बहकी है आ \:   प्यार छलका है प्यासी आँखों से             सुर्ख़ होंठों पे आग दहकी है             ओ महकी हवाओं में बहकी फ़िज़ाओं में दो प्यासे दिल यूँ मिले \- २ कि \:  ( जैसे मयकश ) \- ३ कोई साक़ी से डगमगा के मिले दो \:   ( कबके बिछड़े ) \- ३ हुए ... आ \:   दूर शहनाई गीत गाती है कि \:  दिल के तारों को छेड़ जाती है \- २ आ \:   यूँ सपनों के फूल यहाँ खिलते हैं             यूँ दुआ दिल की रंग लाती है \- २ कि \:  बरसों के बेगाने उल्फ़त के दीवाने अ...

मिले जो कड़ी कड़ी एक ज़ंजीर बने

मिले जो कड़ी \- कड़ी एक ज़ंजीर बने प्यार के रंग भरो ज़िन्दा तस्वीर बने ओ हमसफ़र बन के चलो तो सुहाना है सफ़र जो अकेला ही रहे उसे न मिले डगर यार के बिन कोई जिए तो क्या जिए ज़िन्दगी है मुस्कराने के लिए जो भी यहाँ पे साथ कुछ जाता नहीं हो मिले जो कड़ी \- कड़ी ... चाहे और कुछ न मुझे यार दे यार तू जी भर के मुझे प्यार दे बड़ी मुश्क़िल से भला यार मिलता है यहाँ कोई हमराज़ न हो तो है सूना ये जहाँ मिले जो कड़ी \- कड़ी ... जाने एक दिन ये कैसे हो गया चलते \- चलते मैं राहों में खो गया सुबह का भूला हुआ शाम को घर लौट आए उसे भूला न कहो यही है अपनी राय मिले जो कड़ी \- कड़ी ...

लोग कहते हैं मैं शराबी हूँ

हम हम हूँ हम हम दे रे ना आ आ आ आ आँ लोग कहते हैं मैं शराबी हूँ \- २ तुमने भी शायद यही सोच लिया हां ... लोग कहते हैं मैं शराबी हूँ किसीपे हुस्न का गुरूर जवानी का नशा किसीके दिल पे मोहब्बत की रवानी का नशा किसीको देखे साँसों से उभरता है नशा बिना पिये भी कहीं हद से गुज़रता है नशा नशे मैं कौन नहीं हैं मुझे बताओ ज़रा किसे है होश मेरे सामने तो लाओ ज़रा नशा है सब पे मगर रंग नशे का है जुदा खिली खिली हुई सुबह पे है शबनम का नशा हवा पे खुशबू का बादल पे है रिमझिम का नशा कहीं सुरूर है खुशियों का कहीं ग़म का नशा नशा शराब मैं होता तो नाचती बोतल मैकदे झूमते पैमानों मैं होती हलचल नशा शराब मैं होता तो नाचती बोतल नशे मैं कौन नहीं हैं मुझे बताओ ज़रा \- २ लोग कहते हैं मैं शराबी हूँ \- २ तुमने भी शायद यही सोच लिया लोग कहते हैं मैं शराबी हूँ थोड़ी आँखों से पिला दे रे सजनी दीवानी \- २ तुझे मैं तुझे मैं तुझे नौलक्खा मंगा दूंगा सजनी दिवानी

हाल क्या है दिलों का न पूछो सनम

हाल क्या है दिलों का न पूछो सनम आप का मुस्कुराना ग़ज़ब ढा गया इक तो महफ़िल तुम्हारी हसीं कम न थी उस पे मेरा तराना ग़ज़ब ढा गया हाल क्या है दिलों का    ... अब तो लहराया मस्ती भरी छाँव में बाँधो लो चाहे घुँघरू मेरे पाँव में मैं बहकता नहीं था मगर क्या करूँ आज मौसम सुहाना ग़ज़ब ढा गया हाल क्या है दिलों का    ... हर नज़र उठ रही है तुम्हारी तरफ़ और तुम्हारी नज़र है हमारी तरफ़ आँख उठाना तुम्हारा तो फिर ठीक था आँख उठाकर , झुकाना ग़ज़ब ढा गया हाल क्या है दिलों का    ... मस्त आँखों का जादू जो शामिल हुआ मेरा गाना भी सुनने के क़ाबिल हुआ जिसको देखो वही आज बेहोस है आज तो मैं दीवाना ग़ज़ब ढा गया हाल क्या है दिलों का    ...

आज मधोश हुआ जाए रे

ल: आज मधोश हुआ जाए रे     मेरा मन मेरा मन मेरा मन     बिना ही बात मुस्कुराए रे     मेरा मन मेरा मन मेरा मन     ओ री कली सजा तू डोली     ओ री लहर पहना तू पायल     ओ री नदी दिखा तू दर्पन     ओ री किरण उड़ा तू आँचल     एक जोगन है बनी आज दुल्हन हो ओ     आओ उड़ जाएं कहीं बनके पवन     आज मधोश हुआ जाए रे कि: शरारत करने को ललचाए रे     मेरा मन मेरा मन मेरा मन     ऐ , यहाँ हमें ज़माना देखे ल: तो कि: आओ चलो कहीं छुप जाएं ल: अच्छा कि: यहाँ हमें ज़माना देखे     आओ चलो कहीं छुप जाएं     कैसे कहो प्यासे रह जाएं     तू मेरी मैं हूँ तेरा तेरी क़सम हो ओ ल: मैं तेरी तू मेरा मेरी क़सम हो ओ     आज मधोश हुआ जाए रे     मेरा मन मेरा मन मेरा मन ल: रोम रोम बहे सुर धारा     अँग अँग बजे शहनाई ...